Monday, April 14, 2008

दूनिया कितनी खूबसूरत है

मैने ये ब्लोग शुरू किया है आपको दुनिया कितनी खूबसूरत है दिखाने के लिये ,

उम्मीद है मुझे भी ब्लोग की दुनिया मे आपका प्यार और दुलार मिलेगा


इस ब्लोग को बनाने मे मेरा सहयोगी रहे है

श्री संजीत जी एंव श्री जितेंद्र चौधरी जी

मै उनका आभार व्यक्त करती हू








29 comments:

ghughutibasuti said...

ब्लॉगजगत में आपका स्वागत है । ये चित्र कहाँ के हैं ?

घुघूती बासूती

Rajesh Roshan said...

आपका स्वागत है. बड़े अच्छे चित्र हैं

Sanjeet Tripathi said...

शुभकामनाओं के साथ स्वागत है आपका हिन्दी ब्लॉगजगत में।

तस्वीरें अच्छी है, बेहतर होता है अगर ऐसे चित्रों के साथ उनका परिचय भी दिया जाए तो जैसे कि
पहला चित्र दुनिया के सबसे बड़े इनडोर स्वीमिंग पूल का है स्थान याद नही।
अंतिम चित्र दुनिया के सबसे लंबे पुल का है स्थान याद नही।

anuradha srivastav said...

आपका स्वागत है।

Anonymous said...

welcome Richa

sanjeet guru ji ki jai hope hame bhi thoda guide karenge blog banane k liye.

Anonymous said...

स्वागत है....बनी रहे ये दुनिया खूबसूरत...सबकी यही ख्वाहिश है।

Manas Path said...

स्वागतम, बहुत खूबसूरत.

पारुल "पुखराज" said...

स्वागत है!चित्र बहुत खूबसूरत है

अनूप शुक्ल said...

सच में दुनिया खूबसूरत है। स्वागत है ब्लाग दुनिया में। यह भी बहुत खूबसूरत है।

Anonymous said...

gr8 pics,bus itna aur bata dijiye, ye pics kahan ke hain?And last but not the least,welcome to blog world.

mamta said...

ऋचा ब्लॉग जगत मे आपका स्वागत है।

रवीन्द्र प्रभात said...

शुभकामनाओं के साथ ब्लॉगजगत में आपका स्वागत है ....!

note pad said...

आप ढेर ढेर लिखिये और बहुत सी खूबसूरती दिखाइये दुनिया की .....
बहुत स्वागत है ब्लॉग जगत में ।

सुजाता

Udan Tashtari said...

अब हम क्या स्वागत करें? सभी दिग्गज तो लगे हैं आपके स्वागत में और जो बचे, वो मदद कर ही रहें हैं और आप आभार दे ही चुकीं हैं. :)

एक फूल की और गुंजाईश हो तो हमारी तरफ से भी स्वागत एवं नियमित लेखन के लिये शुभकामनायें. फोटू तो ठीक है पर अब कुछ लिखा भी जाये.

बेरोजगार said...

khoobsoorati dikai ab padayen bhi. sameer ji si men sahmat hoo.

Jitendra Dave said...

ऋचा, सुरेशजी के चिट्ठे से होते हुए आपके चिट्ठे पर पहुंचा तो यह खूबसूरत ब्लॉग नजर आया. सुजाव देना चाहूँगा कि पहले तो टेम्लेट को आकर्षक बनाएं, क्योंकि आपका ब्लॉग फोटो-प्रमुखता वाला है. दूसरी बात ये कि फोटों के नीचे थोडा-सा ही सही, परिचय दे. हो सके तो लेबल देकर वर्गीकृत करें जैसे भारत, विदेश, प्रकृति, संस्कृति आदि. आपका प्रयास अच्छा है. बस उसे थोडा और खूबसूरत तथा व्यवस्थित करने की जरूरत है. आप लिखती भी बड़ा बेबाक और धारदार हैं. हमें पढ़ने मिले तो खुशी होगी.

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

हिंदी ब्लॉग जगत पे आपका स्वागत है |

पहले पोस्ट मैं ही इतने सारे लोगों का स्नेह मिल गया |

हमारी तरफ से सुभ कामनाएं |

समीर...सैम said...

रिचा जी,

काफ़ी खुबसुरत ब्लोग है...

मैं यहां सुरेश जी के ब्लोग से पहुचां हूं....

अगर फ़ोटो के साथ जानकारी भी होती तो अच्छा होता...

संजय शर्मा said...

काफ़ी ज़ोर-शोर से गालियां दी है आपने मुसलमानों और उनके धर्म को...

काफ़ी अच्छा लिखती है आप

Anonymous said...

ये साले गधे...गालियों के ही हकदार है....

आपने सही काम किया है...

मेरी तरफ़ से बधाई स्वीकारें

प्रिया शर्मा said...

एक लडकी होकर इतनी सारी गालियां और वो भी इतने बडे मंच पर...

कमाल है..भई मज़ा आ गया..

लेकिन एक बात है हम लडकीयों को ये सब शोभा नही देता

वाणी गीत said...

ऋचा के लड़की होने पर मुझे शक है ...हाहाहा..
कुछ अपने ब्लॉग पर भी तो लिखो..!!

TUMHARI KHOJ ME said...

तर्क छोटे और पैने हों तो आनंद आ जाता है।

Anonymous said...

tumhari tasvir badi pyari hai , apni hi hai yaa apni bahn ki?agr tuma mard hokar ye tasvir lagate ho to mai tuje NAMARD hi kahunga. aur ye tasvir teri BIVI ki hai aisa hi kahunga. sale aurt ke libas me NAMARD

Mohammed Umar Kairanvi said...

अपनी बातों में गधे का बहुत जिकर करती हो, सुना है विदेशी फिल्‍मों में गधे बहुत कमाल करते हैं,फिर तो कहना पडेगा कि जिसे गधा पसन्‍द आजाये फिर तो उसे यह दुनिया हसीन लगेगी ही,

कृष्ण मोहन मिश्र said...

स्वागत है!dono चित्र बहुत खूबसूरत है

apne jo apna chitra lagaya hai woh
खूबसूरत to है lekin apka hi hai iski kya gaurantee hai.

इष्ट देव सांकृत्यायन said...

स्वागत है.

Anonymous said...

बहुत सुंदर चित्र लगाये हैं। निवेदन यही है कि इसमें निरंतरता बनाए रखें।
वैज्ञानिक दृ‍ष्टिकोण अपनाएं, राष्ट्र को उन्नति पथ पर ले जाएं।

prabodh shastri said...

अरे ऋचा जी मैंने सुरेश जी के ब्लॉग पर आपको कैरंवी से टक्कर
लेते हुए देखा है. आपने जिस ब्लॉग
सत्यार्थ्वेद.ब्लागस्पाट का जिक्र किया था वहाँ
आपकी जरूरत है ,वो हरामी वहां भी पहुच गया है.